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प्रश्न
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |'
उत्तर
भावार्थ : उपर्युक्त पद्यांश डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव रचित हाइकु कविता 'मेरी स्मृति' से अवतरित किया गया हैं | कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से मौसम का भी वर्णन किया है | वसंत ऋतु के जाने के बाद ग्रीष्म का आगमन होता है | महुआ के वृक्ष में कूँच और उन कूँचों में फूल लग जाते हैं | ये महुआ के फूल सबेरा होते ही धरती पर टपकने लगते हैं | धरती पर टपके हुए इन फूलों को देखकर कवि कल्पना करता हैं कि मानों महुआ सफ़ेद चादर बिछा कर किसी की राह देख रहा हो |
आसमान में छाए हुए बादलों को देखकर कवि कल्पना करता हैं मानो किसी का दुख (व्यथा) आसमान में बादल बनकर छा गया है |
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