हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

मेरी स्‍मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए : 'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |' - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मेरी स्‍मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :

'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |' 

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

भावार्थ : उपर्युक्त पद्यांश डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव रचित हाइकु कविता 'मेरी स्मृति' से अवतरित किया गया हैं | कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से मौसम का भी वर्णन किया है | वसंत ऋतु के जाने के बाद ग्रीष्म का आगमन होता है | महुआ के वृक्ष में कूँच और उन कूँचों में फूल लग जाते हैं | ये महुआ के फूल सबेरा होते ही धरती पर टपकने लगते हैं | धरती पर टपके हुए इन फूलों को देखकर कवि कल्पना करता हैं कि मानों महुआ सफ़ेद चादर बिछा कर किसी की राह देख रहा हो |
     आसमान में छाए हुए बादलों को देखकर कवि कल्पना करता हैं मानो किसी का दुख (व्यथा) आसमान में बादल बनकर छा गया है |

shaalaa.com
मेरी स्‍मृति
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.04: मेरी स्मृति - स्‍वाध्याय [पृष्ठ २१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 1.04 मेरी स्मृति
स्‍वाध्याय | Q (४) | पृष्ठ २१
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×