Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मनुष्य में दोहरा परिसंचरण की व्याख्या कीजिए।
उत्तर
मानव हृदय में रक्त दो बार संचरित होता है। हृदय का दाहिना भाग कई शारीरिक भागों से रक्त प्राप्त करता है और इसे आगे शुद्धिकरण के लिए फेफड़ों में स्थानांतरित करता है। आगे धकेले जाने और रक्त धमनियों के माध्यम से पूरे शरीर में वितरित होने के बाद, फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त रक्त हृदय के बाएँ ओर प्राप्त होता है। इसे दोहरे परिसंचरण के रूप में जाना जाता है। एक चक्र के दौरान, रक्त हृदय से दो बार गुजरता है, जिसे दोहरा परिसंचरण कहा जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद है?
स्तनधारी तथा पक्षियों में ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रुधिर को अलग करना क्यों आवश्यक है?
पायरुवेट के विखंडन से यह कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा देता है और यह क्रिया होती है
वायवीय तथा अवायवीय श्वसन में क्या अंतर हैं? कुछ जीवों के नाम लिखिए जिनमें अवायवीय श्वसन होता है।
गैसों के अधिकतम विनिमय के लिए कूपिकाएँ किस प्रकार अभिकल्पित हैं?
फुफ्फुस में कूपिकाओं की तथा वृक्क में वृक्काणु (नेफ्रान) की रचना तथा क्रियाविधि की तुलना कीजिए।
अधिकांश पौधे नाइट्रोजन को किस रूप में अवशोषित करते हैं?
- प्रोटीन
- नाइट्रेट एवं नाइट्राइट
- यूरिया
- वायुमंडलीय नाइट्रोजन
हृदय में चार कक्ष होने के क्या लाभ हैं?
मानव में साँस लेने की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।
किसी चिकित्सक के पास जाइए। उनसे कृत्रिम श्वसन के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए। चिकित्सक से पूछिए-
(क) किसी व्यक्ति को कृत्रिम श्वसन की आवश्यकता कब होती है?
(ख) किसी व्यक्ति को कृत्रिम श्वसन की आवश्यकता स्थायी रूप से होती है अथवा अस्थायी रूप से होती है?
(ग) कृत्रिम श्वसन के लिए किसी व्यक्ति कों ऑक्सीजन की आपूर्ति किस प्रकार और कहाँ से की जाती है।