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प्रश्न
मृदा परीक्षण केंद्र में जाओ और वहाँ चलनेवाले कामों की जानकारी लेकर लिखो।
कृति
उत्तर
मृदा परीक्षण केंद्र में किए जाने वाले कार्य:
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मिट्टी के नमूने एकत्र करना:
- विभिन्न क्षेत्रों से मिट्टी के नमूने लिए जाते हैं।
- नमूने को सही विधि से सुखाकर और छानकर परीक्षण के लिए तैयार किया जाता है।
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भौतिक परीक्षण:
- मिट्टी की बनावट (रेतीली, दोमट, चिकनी मिट्टी आदि) की जांच।
- मिट्टी की जलधारण क्षमता और नमी की मात्रा का परीक्षण।
-
रासायनिक परीक्षण:
- मृदा का pH स्तर मापा जाता है (अम्लीय, क्षारीय या उदासीन)।
- मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जैविक कार्बन, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि पोषक तत्वों की मात्रा का विश्लेषण।
- मिट्टी में लवणता और क्षारीयता का परीक्षण।
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सूक्ष्म पोषक तत्वों का परीक्षण:
- मिट्टी में जिंक (Zn), आयरन (Fe), कॉपर (Cu), मैंगनीज (Mn) आदि सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच।
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मृदा उर्वरता निर्धारण:
- मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता के आधार पर उसकी उर्वरता का आकलन।
- फसल के अनुसार मिट्टी की गुणवत्ता की जाँच।
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किसानों को सलाह देना:
- परीक्षण के परिणामों के आधार पर किसानों को उपयुक्त फसल चयन की सलाह दी जाती है।
- उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी जाती है।
- जैविक खादों और उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के सुझाव दिए जाते हैं।
निष्कर्ष:
मृदा परीक्षण केंद्र किसानों को वैज्ञानिक आधार पर मिट्टी की उर्वरता सुधारने में मदद करता है। यह केंद्र किसानों को उनकी मिट्टी के पोषण स्तर और आवश्यक सुधारों की जानकारी प्रदान करता है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।
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