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प्रश्न
मुक्त रूप से गिरते एक पिंड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है। क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है? कारण बताइए।
उत्तर
- यह प्रक्रिया ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन नहीं करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब शरीर ऊंचाई से गिरता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा उत्तरोत्तर गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
- स्थितिज ऊर्जा में कमी शरीर की गतिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होती है। इस प्रक्रिया के दौरान, शरीर की कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
- इसलिए, ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन नहीं होता है।
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संबंधित प्रश्न
नीचे दी गई सारणी में तीनों स्तंभों में दी गई जानकारी का संबंध ध्यान में रखते हुए सारणी पुनः लिखिए।
I | II | III |
कोयला | स्थितिज ऊर्जा | पवन विद्युत केद्र |
यूरेनियम | गतिज ऊर्जा | जल विद्युत केद्र |
जलाशय | परमाणु ऊर्जा | उष्मीय विद्युत केद्र |
पवन | ऊष्मीय ऊर्जा | परमाणु विद्युत केद्र |
अंतर स्पष्ट कीजिए।
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