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प्रश्न
मुर्दा शांति से भर जाना और हमारे सपनों का मर जाना - इनको सबसे खतरनाक माना गया है। आपकी दृष्टि में इन बातों में परस्पर क्या संगति है और ये क्यों सबसे खतरनाक हैं?
उत्तर
‘मुर्दा शांति से मर जाना’ का अर्थ है - निष्क्रियता, जड़ता व प्रतिक्रिया शून्यता का होना। ऐसी स्थिति खतरनाक होती है। ऐसा समाज अन्याय के खिलाफ संघर्ष नहीं कर पाता। ‘हमारे सपनों का मर जाना’ का अर्थ है - कुछ करने की इच्छा समाप्त होना। मनुष्य कल्पना करके ही नए-नए कार्य करता है तथा होता है। सपनों के मर जाने पर हम यथास्थिति में ही रहते हैं। ये दोनों स्थितियाँ खतरनाक हैं। इनसे समाज में अन्याय करने वाला प्रभावी रहता है। समाज का विकास अवरुद्ध हो जाता है।
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