Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे दिए गए चित्र का निरीक्षण कीजिए और निम्न मुद्दों के आधार पर वारली चित्रकला के विषय में जानकारी लिखिए।
(अ) प्रकृति का चित्रण
(ब) मानवाकृतियों का आरेखन
(क) व्यवसाय
(ड) मकान
उत्तर
यह वारली चित्र परंपरा का चित्र है। वारली चित्रकलाशैली का उदय ठाणे जिले की वारली आदिवासी जनजाति में हुआ। इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है।
(अ) प्रकृति का चित्रण: इस चित्र में कुछ वनस्पतियों की शाखाएँ फूल के पौधे, उगता सूर्य, पक्षी आदि के चित्र आरेखित किए गए हैं।
(ब) मानव आकृतियों का आरेखन: चित्र में स्त्री-पुरुष तथा खेलने वाले बच्चों के आरेखित चित्र दिखाई दे रहे हैं। वारली चित्र मनुष्य के ह-ब-हू चित्र नहीं होते। केवल रेखाचित्र होते हैं। त्रिभुज, चतुर्भुज तथा वृत्त की सहायता से मानवाकृति आरेखित की जाती है।
(क) व्यवसाय: इस चित्र में खेती करने वाले स्त्री-पुरुष दिखाई दे रहे हैं। पशुपालन भी इनका व्यवसाय हो सकता है।
(ड) मकान: ढलान वाले छप्परों की झोपड़ियाँ चित्र में दिखाई दे रही हैं। झोपड़ियों की दीवारें घास-फूस या मिट्टी की बनी हो सकती हैं। दीवारों पर चित्र बनाए गए हैं।
इस चित्र से वारली का सामाजिक जीवन व्यक्त होता है। ऐसा दिखाई दे रहा है कि यहाँ के लोग गरीब हैं। संबंधित परिसर तथा अनुभवों के मानवीय और प्राकृतिक घटकों के आकारों का आरेखन दिखाई दे रहा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मथुरा शिल्पशैली का उदय _________ के शासनकाल में हुआ।
निम्न से असत्य जोड़ी में सुधार कर पुनः लिखिए।
टिप्पणी लिखिए।
हेमाड़पंती शैली
निम्न कथनों को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
कला के इतिहास का गहन अध्ययन करने वाले तज्ञों की आवश्यकता होती है।
निम्न कथन को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
चित्रकथी जैसी विलुप्त होती जा रही परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
निम्न सारिणी पूर्ण कीजिए।
मंदिर स्थापत्य शैली | नागर | द्राविड़ | हेमाड़पंती |
विशेषताएँ | |||
उदाहरण |
भारत की मुस्लिम स्थापत्य शैली की सोदाहरण विशेषताएँ लिखिए।
निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए: