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प्रश्न
नीचे दिए गए विद्युत निर्मिती केंन्द्रों में क्रमशः होनेवाले ऊर्जा के रूपांतरण को स्पष्ट कीजिए।
सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केन्द्र
उत्तर
सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केन्द्र में सूर्यकिरणों को परावर्तित करने वाले अनेक परावर्तकों का उपयोग किया जाता है। सभी परावर्तक परावर्तित सूर्यकिरणों को एक अवशोषक पर केन्द्रित करते हैं। यहाँ पर निर्मित होने वाली ऊष्मीय ऊर्जा से पानी का रुपांतरण भाप में होता है। यही भाप टरबाइन को घुमाती है। तथा टर्बाइन की गतिज ऊर्जा द्वारा जनित्र घुमाया जाता है। जनित्र के घुमने से विद्युत ऊर्जा का निर्माण होता है।
सौर ऊष्मीय विद्युत केंद्र के विविध चरण-
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