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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : मानो घर-घर न हो, जैसे कोई चिड़ियाघर हो। जिसमें खूँखार जानवर आबाद हों। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

मानो घर-घर न हो, जैसे कोई चिड़ियाघर हो।
जिसमें खूँखार जानवर आबाद हों।

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

मानो घर-घर न हो, जैसे कोई चिड़ियाघर हो।
जिसमें खूँखार जानवर आबाद हों। - उत्प्रेक्षा अलंकार

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अलंकार
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अध्याय 2.05: अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा - भाषा बिंदु [पृष्ठ ८३]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 2.05 अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा
भाषा बिंदु | Q (१) १३. | पृष्ठ ८३

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निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

चमचमात चंचल नयन बिच घूँघट पर झीन
मानहु सुरसरिता विमल जल बिछुरत जुग मीन।।


अलंकार बताइए:
बड़े-बड़े पियराए पत्ते


उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।


कविता में रूपक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है? संबंधित वाक्यांश को छाँटकर लिखिए।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े।
हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।


"कैसे कलुषित प्राण हो गए।

मानो मन पाषाण हो गए।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-


“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -


“प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।” इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है -


निम्नलिखित में अलंकार है - 'मनहूँ रंक निधि लूटन लागी।'


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