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निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए – टिन्डल प्रभाव - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

टिन्डल प्रभाव

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उत्तर

टिन्डल प्रभाव (Tyndall effect) – जिस प्रकार अँधेरे कमरे में प्रकाश की किरण में धूल के कण चमकते हुए दिखाई पड़ते हैं, उसी प्रकार लेन्सों से केन्द्रित प्रकाश को कोलॉइडी विलयन पर डालकर समकोण दिशा में रखे एक सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कोलॉइडी कण अँधेरे में घूमते हुए दिखाई देते हैं। इस घटना के आधार पर वैज्ञानिक टिन्डल ने कोलॉइडी विलयनों में एक प्रभाव का अध्ययन किया जिसे टिन्डल प्रभाव कहा गया, अतः कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन (scattering of light) के कारण टिन्डल प्रभाव होता है।


                            टिन्डल प्रभाव

कोलॉइडी कणों का आकार प्रकाश की तरंगदैर्घ्य (wavelength of light) से कम होता है, अतः प्रकाश की किरणों के कोलॉइडी कणों पर पड़ने पर कण प्रकाश की ऊर्जा का अवशोषण करके स्वयं आत्मदीप्त (self-illuminate) हो जाते हैं। अवशोषित ऊर्जा के पुनः छोटी तरंगों के प्रकाश के रूप में प्रकीर्णत होने से नीले रंग का एक शंकु दिखता है जिसे टिन्डल शंकु (Tyndall cone) कहते हैं और यह टिन्डल घटना कहलाती है।

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कोलॉइडी
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अध्याय 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ १५०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q 5.23 (iv) | पृष्ठ १५०

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