Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
उत्तर
तताँरा-वामीरो को पता लग गया था कि उनका विवाह नहीं हो सकता था। फिर भी वे मिलते रहे। एक बार पशु पर्व मे वामीरो तताँरा से मिलकर रोने लगी। इस पर उसकी माँ ने क्रोध किया और तताँरा को अपमानित किया। तताँरा को भी क्रोध आने लगा। अपने गुस्से को शान्त करने के लिए अपनी तलवार को ज़मीन में गाड़ कर खींचता चला गया। इस तरह उसने धरती को चीर कर क्रोध को शान्त किया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
क्रोध में तताँरा ने क्या किया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।
तताँरा को पर्व-त्योहारों में विशेष रूप से क्यों बुलाया जाता था?
सुध-बुध खोए तताँरा की तंद्रा कैसे टूटी? तंद्रा टूटने पर उसने क्या किया?
वामीरो क्यों न जान सकी कि कोई अजनबी उसे निहारे जा रहा है?
वामीरो ने मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?
तताँरा द्वारा पूछने पर भी वामीरो उसे कोई जवाब क्यों नहीं दे रही थी?
वामीरो से मिलने के बाद तताँरा का अगला दिन कैसे बीता?
वामीरो और तताँरा अगले दिन तो मिले पर वे एक शब्द भी क्यों नहीं बोल पाए?
तताँरा ने अपने क्रोध के शमन के लिए क्या किया?
‘तताँरा-वामीरो कथा’ पाठ के आधार पर तताँरा का चरित्र-चित्रण कीजिए।
रूढ़ियों और परंपराओं का बंधन प्रेम की राह में बाधक नहीं बन सकता। तताँरा-वामीरो कथा के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
अंदमान निकोबार द्वीप समूह की प्रमुख जनजातियों की विशेषताओं का अध्ययन पुस्तकालय की सहायता से कीजिए।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
क्रोध में उसने तलवार निकाली और कुछ विचार करता रहा। क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे। एक सन्नाटा-सा खिंच गया। जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ों में बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही जा रही थी। द्वीप के अंतिम सिरे तक तताँरा धरती को मानो क्रोध में काटता जा रहा था। सभी भयाकुल हो उठे। लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी, वे सिहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी - तताँरा... तताँरा... तताँरा उसकी करुण चीख मानो गड़गड़ाहट में डूब गई। तताँरा दुर्भाग्यवश दूसरी तरफ़ था। द्वीप के अंतिम सिरे तक धरती को चाकता वह जैसे ही अंतिम छोर पर पहुँचा, द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो चुका था। एक तरफ़ तताँरा था दूसरी तरफ़ वामीरो। |
- लोगों का सहम जाना किस बात का परिचायक है?
(A) भय
(B) करुणा
(C) क्रोध
(D) प्रसन्नता - तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए।
(i) आत्मसमर्पण का भाव
(ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम
(iii) तलवार की दैवीय शक्ति
(iv) गाँव वालों के प्रति रोष
(A) (i) और (iii)
(B) (i), (iii), (iv)
(C) केवल (iii)
(D) (i), (ii) और (iv) - निम्नलिखित कथन-कारण को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए।
कथन (A): लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी।
कारण (R): ग्रामवासियों ने यह कदापि न सोचा था कि तताँरा की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी सिद्ध हो सकती है।
(A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
(B) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(C) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है। - तताँरा और वामीरो अलग कैसे हुए?
(A) अपमान के डर से
(B) गाँव वालों के दबाव में
(C) पशु मैले की भीड़ के कारण
(D) भूमि के दो भागों में कटने से - गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा विचार मेल खाता है -
(A) जो मनुष्य अपने क्रोध को अपने वश में कर लेता है, वह दूसरों के क्रोध से स्वयंमेव बच जाता है। - सुकरात
(B) क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है। - प्रेमचंद
(C) वह आदमी वास्तव में बुद्धिमान है जो क्रोध में भी गलत बात मुँह से नहीं निकालता। - शेखसादी
(D) ईर्ष्या, लोभ, क्रोध एवं कठोर वचन - इन चारों से सदा बचते रहना ही वस्तुतः धर्म है। - तिरुवल्लुवर
'तताँरा-वामीरो कथा' के आधार पर बताइए कि पशु-पर्व में तताँरा द्वारा तलवार खींचने का प्रमुख कारण क्या रहा होगा?