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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए − फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुडकियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था। - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुडकियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

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उत्तर

लेखक हर समय अपने खेलकूद, सैरसपाटे में मस्त रहता और बड़े भाई से डाँट खाता था परन्तु फिर भी खेलकूद नहीं छोड़ता था। जैसे संकटों में फँसकर भी मनुष्य अपनी मोहमाया नहीं छोड़ता है उसी प्रकार छोटा भाई खेलकूद को नहीं छोड़ता था।

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बड़े भाई साहब
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अध्याय 2.1: बड़े भाई साहब - लिखित (ग) [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 2.1 बड़े भाई साहब
लिखित (ग) | Q 2 | पृष्ठ ६४

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