हिंदी

निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए − अविश्रांत बरसा करके भीआँखे तनिक नहीं रीतीं - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

आँखें हमेशा रोती रहती हैं।  उनसे आँसू रूपी पानी बरसता रहता है। आँसू कभी समाप्त नहीं होते हैं। इन पंक्तियों में पिता के लगातार निरंतर रोने की दशा का वर्णन किया गया है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
अध्याय 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | पृष्ठ ९६

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए 
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ


कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?


जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?


एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

शुकी बैठ अंडे है सेती


सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?


पिता सुखिया को कहाँ जाने से रोकता था और क्यों?


न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?


सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?


'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?


इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?


आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।


अगर ‘बंदर नामा’ लिखना हो तो आप किन-किन सकारात्मक और नकारात्मक बातों का उल्लेख करेंगे।


‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?


मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
अवध नरेश को चित्रकूट क्यों जाना पड़ा?


बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद की 'जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×