Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?
उत्तर
सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की महत्वपूर्ण भुमिका रही थी। भारी पुलिस व्यवस्था के बाद भी जगह-जगह स्त्री जुलूस के लिए टोलियाँ बन गई थीं। मोनुमेंट पर भी स्त्रियों ने निडर होकर झंडा फहराया, अपनी गिरफ्तारियाँ करवाई तथा उनपर लाठियाँ बरसाई। इनसब के बाद भी स्त्रियाँ लाल बाज़ार तक आगे बढ़ती गईं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों और मैदानों को क्यों घेर लिया था?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
'आज जो बात थी वह निराली थी' − किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
डा. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी?
भौतिक रूप से दबे हुए होने पर भी अंग्रेजों के समय में ही हमारा मन आजाद हो चुका था। अत: दिसंबर सन् 1929 में लाहौर में कांग्रेस का एक बड़ा अधिवेशन हुआ, इसके सभापति जवाहरलाल नेहरू जी थे। इस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब हम ‘पूर्ण स्वराज्य से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। 26 जनवरी 1930 को देशवासियों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए हर प्रकार के बलिदान । की प्रतिज्ञा की। उसके बाद आज़ादी प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। आजादी मिलने के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
इस पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में कलकलाई कोलकाता ) के योगदान का चित्र स्पष्ट होता है। आजादी के आंदोलन में आपके क्षेत्र का भी किसी न किसी प्रकार का योगदान रहा होगा पुस्तकालय, अपने परिचितों या फिर किसी दूसरे स्त्रोत से इस संबंध में जानकारी हासिल कर लिखिए।
‘केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था। तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?
पुलिस कमिश्नर द्वारा निकाली गई नोटिस का कथ्य स्पष्ट करते हुए बताइए कि यह नोटिस क्यों निकाली गई होगी?
झंडा दिवस के अवसर पर पुलिस का कृर प देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।
पुलिस जिस समय मोनुमेंट की मोटियाँ न हो थी, उस समय दूसरी ओर महिलाएँ किस काम में लगी थी?
26 जनवरी, 1937 को कोलकाता के स्तों पर उत्साह और नवीनता देखते ही बनती थी। इसके कारणों एवं नएपन का वर्णन कीजिए।
‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
मोनुमेंट के नीचे शाम को सभा होनी थी लेकिन भोर में क्या घटना घटी? 'डायरी का एक पन्ना' - पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।