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प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया से प्राप्त उत्पाद का अनुमान लगाइए –
\[\ce{(CH3)3C - OC2H5 ->[HI]}\]
उत्तर १
चूँकि एथिल कार्बोधनायन की तुलना में तृतीयक-ब्यूटिल कार्बोधनायन अत्यधिक स्थायी होता है, इसीलिए अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि द्वारा होती है तथा तृतीयक-ब्यूटिल आयोडाइड एवं एथेनॉल निम्नलिखित प्रकार बनते हैं –
उत्तर २
\[\ce{(CH3)3C - OC2H5 ->[HI] (CH3)3C - I + C2H5OH}\]
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- ऐल्कॉक्सी समूह बेन्जीन वलय को इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति सक्रियित करता है, तथा
- यह प्रवेश करने वाले प्रतिस्थापियों को बेन्जीन वलय की ऑर्थो एवं पैरा स्थितियों की ओर निर्दिष्ट करता है।
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