हिंदी

निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: साक्षात्कारकर्ता आपकी और रुचियाँ क्या हैं? प्रीति खाना-पीना, गप्पें मारना, काम करना - नशे की तरह। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

साक्षात्कारकर्ता  आपकी और रुचियाँ क्या हैं?
प्रीति  खाना-पीना, गप्पें मारना, काम करना- नशे की तरह। संगीत तो है ही, मन को शांति मिलती है इससे! और मैं खूब पढ़ती हूँ- जीवनियाँ, आत्मकथाएँ, उपन्यास, विज्ञान - सब कुछ!
साक्षात्कारकर्ता  (आश्चर्यचकित स्वर में) पर कैसे? आपके आदर्श (Icon) कौन थे?
प्रीति  कंप्यूटर पर। मैं हेलेन केलर की बहुत आभारी हूँ जिन्होंने दृष्टिहीनों के लिए पढ़ना-लिखना सुलभ कर दिया। मैं 'गीता' और 'सुखमनी साहब' का पाठ भी करती हूँ। परिवार हमेशा मेरे साथ रहा है। पिता ने सिखाया - अपने से नीचे देखोगे तो सुखी रहोगे। तुम्हारे पास सब कुछ है। पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, पूरी प्रकृति क्या ये कम आदर्श हैं सुखमय जीवन जीने के लिए!
  1. संजाल पूर्ण कीजिये:         [2]

  2. सुखमय जीवन के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिये।       [2]
आकलन

उत्तर

  1. सुख के बारे में हर व्यक्ति की अपनी अलग परिभाषा होती है। कुछ लोग धन, कुछ सफलता, और कुछ सम्मान को सुख का आधार मानते हैं। लेकिन जीवन में सबसे महत्वपूर्ण संतोष है, जो इसे पाने वाले को सदा के लिए सुखी बना देता है। जिसके मन में संतोष होता है, उसे सुखी जीवन के लिए किसी और चीज की जरूरत नहीं पड़ती। लालच और ईर्ष्या दुख के मुख्य कारण हैं, लेकिन संतोषी व्यक्ति इन दुर्गुणों से मुक्त होता है। इसलिए, जिसने अपने जीवन में संतोष हासिल कर लिया, उसका जीवन सुखमय हो जाता है।
shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2023-2024 (July) Official
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×