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प्रश्न
निम्नलिखित दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:-
बारिश में बिन छतरी
उत्तर
बारिश में बिन छतरी
बारिश का मौसम हमेशा मेरे लिए खुशियों और रोमांच से भरा होता है। पेड़ों से टपकती बूंदें, मिट्टी की भीनी खुशबू, और ठंडी हवा मानो मन को ताजगी से भर देती हैं। लेकिन कभी-कभी ये बारिश हमें ऐसे अनुभव दे जाती है जिन्हें हम कभी नहीं भूल पाते। ऐसा ही एक मजेदार अनुभव मेरे साथ उस दिन हुआ जब मैं बिना छाते के बारिश में भीग गया।
उस दिन सुबह मौसम साफ था, इसलिए मैं छाता साथ नहीं लाया था। लेकिन शाम को घर लौटते समय अचानक काले बादल छाने लगे और तेज बारिश शुरू हो गई। मैं आस-पास कोई आश्रय ढूँढने लगा, लेकिन तब तक मैं पूरी तरह भीग चुका था। मेरे कपड़े पानी में भीग चुके थे और मेरे जूते भी चिपचिपे होने लगे थे।
पहले-पहले मुझे काफी असुविधा हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में मैंने सोचा कि अब भीग ही गया हूँ, तो क्यों न इस पल का आनंद लिया जाए! ठंडी फुहारें चेहरा सहला रही थीं और सड़कों पर पानी बह रहा था। मैंने धीरे-धीरे चलना छोड़कर पानी में उछल-कूद शुरू कर दी। रास्ते में मैंने कुछ बच्चों को कागज़ की नाव बहाते देखा, और मैं भी उनके साथ इस खेल में शामिल हो गया।
लोग मुझे अजीब नज़रों से देख रहे थे, लेकिन मुझे उस पल किसी बात की परवाह नहीं थी। उस पल मैं आज़ाद महसूस कर रहा था - बिना किसी बात की चिंता किए बिना बस वही कर रहा था जो मैं करना चाहता था।
जब मैं घर पहुँचा तो मेरी माँ ने भौंहें चढ़ाकर पूछा, "तुम छाता क्यों नहीं ले गए?" मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अगर मैं छाता ले जाता, तो यह मजा कैसे आता?" यह अनुभव मेरे लिए खास था, क्योंकि कभी-कभी अनियोजित क्षण भी हमारे जीवन के सबसे यादगार पल बन जाते हैं।