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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था, हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आँखों में दिख रही थी। कुछ खाँसकर, गला साफ़ कर नकली परदे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे से कहा, 'लड्डू'। पिता और अध्यापक निराश हो गए। इतने समय तक मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से साँस भरी। उन सबने बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। पर बालक बच गया। उसके बचने की आशा है क्योंकि वह 'लड्डू' की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों पर मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखाने वाली खड़खड़ाहट नहीं। |
उत्तर
जब बालक ने बहुत से प्रश्नों के उत्तर दे दिए तो एक वृद्ध ने उसे दुलारते हुए इनाम माँगने के लिए कहा। बच्चा संकोच और दुविधा के कारण कुछ देर चुप रहा। उसके मन में बनावटी और स्वाभाविक भावों की लड़ाई चलती रही। आख़िर विजय बालक की सहज इच्छा की हुई और उसने इनाम में लड्डू मांग लिया। उसकी इस माँग से उसके पिता और अन्य अध्यापक निराश दिखाई पड़े। उन्हें लग रहा था कि इस असाधारण बालक ने यह साधारण - सी माँग क्यों की है। गुलेरी जी को बच्चे की इस स्वाभाविक माँग से खुशी हुई क्योंकि अभी तक वहाँ जो हो रहा था वह नितान्त बनावटी था और बच्चे के स्वभाव के विरुद्ध था। गुलेरी जी का उस बनावटी वातावरण में दम घुट रहा था परन्तु बालक द्वारा लड्डू माँगे जाने पर उन्हें लगा कि उसमें अभी भी बचपन जीवित है। अन्य लोगों ने उसका बचपन नष्ट करने में कोई कसर नहीं उठा रखी थी। गुलेरी जी को लगा कि यह बालक बच जाएगा, इसके स्वाभाविक विकास की सम्भावना पूरी तरह नष्ट नहीं हुई है। गुलेरी जी को बालक द्वारा लड्डू की माँग सजीव वृक्ष के हरे पत्तों की खड़खड़ाहट जैसी मधुर लगी न कि मृत लकड़ी से बनी अलमारी से निकलने वाली, सिरदर्द करने वाली खड़खड़ाहट।
Notes
- संदर्भ - 1 अंक
- प्रसंग - 1 अंक
- व्याख्या - 3 अंक
- विशेष - 1 अंक
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"बालक बच गया। उसके बचने की आशा है क्योंकि वह लड्डू की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखानेवाली खड़खड़ाहट नहीं" कथन के आधार पर बालक की स्वाभाविक प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए।
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए -
बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था, हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आँखों में दीख रही थी। कुछ खाँसकर, गला साफ़ कर नकली परदे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे से कहा, ‘लड्डू’। पिता और अध्यापक निराश हो गए। इतने समय तक मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से साँस भरी। उन सबने बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। पर बालक बच गया।उसके बचने की आशा है क्योंकि वह ‘लड्डू’ की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखाने वाली खड़खड़ाहट नहीं। |
(1) ‘बच्चे के मुख पर रंग बदल रहे थे।’ इस पंक्ति के आधार पर आकलन करने से ज्ञात होता है कि बच्चे में उठ रहे भाव ______ के हैं। (1)
(क) सहृदयता
(ख) घबराहट
(ग) अंतरद्वंद्व
(घ) रोमांचकता
(2) गद्यांश के आधार पर कौन-सा वाक्य सही है? (1)
(क) काठ की अलमारी सदैव सिर दुखाती है।
(ख) शिक्षा प्रणाली पर व्यंग्य किया गया है।
(ग) बच्चों को पढ़ाना अत्यंत सहज कार्य है।
(घ) वृक्ष के हरे पतों का संगीत मधुर होता है।
(3) बालक द्वारा धीरे से लड्डू कहना दर्शाता है कि - (1)
(क) छोटी वस्तु भी पुरस्कार है।
(ख) कृत्रिमता का लबादा उतर गया।
(ग) कृत्रिमता का स्थायित्व संभव है।
(घ) लेखक का उद्देश्य पूरा हो गया।
(4) ‘अब मैंने सुख की साँस भरी’ के माध्यम से कह सकते हैं कि वह - (1)
(क) अत्यंत जागरूक नागरिक हैं।
(ख) बाल मनोविज्ञान से परिचित हैं।
(ग) स्तरानुसार शिक्षा के पक्षधर हैं।
(घ) अपने सुख की कामना करते हैं।
(5) गद्यांश हमें संदेश देता है कि - (1)
(क) स्वाभाविक विकास हेतु सहज एवं आनंदपूर्ण वातावरण होना चाहिए।
(ख) रटंत प्रणाली के कारण बच्चे की हृदय व्यथा चिंताजनक हो जाती है।(ग) बालक में निडरता थी तभी अपनी लड्डू की इच्छा को प्रकट कर पाया है।
(घ) अभिभावक एवं अध्यापकों को बालकों का चहुँमुखी विकास करना चाहिए।
(6) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): लड़डू की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था।
कारण (R): बालक द्वारा लड्डू माँगा जाना वृक्ष के हरे पत्तों के समान इंगित करता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
घड़ीसाज़ी का इम्तहान पास करने से लेखक के अभिप्राय को स्पष्ट कीजिए।