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प्रश्न
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
मैं भी अगर एक छोटा पंछी होता तो बस्ती-बस्ती में फिरता रहता सुंदर नद-नालों का यार होता मस्ती में अपनी झूमता रहता। मैं भी अगर ..... आदमी का गुण मुझ में न होता ईर्ष्या की आग में न जलता होता स्वार्थ के युद्ध में न मरता-मारता बंब-मिसाइल की वर्षा न करता। मैं भी अगर ...... आँख में दौलत का काजल न पुतता शान के लिए पराया माल न हड़पता हर मानव मेरा हित-बंदु होता रंग-रूप पर अपना गर्व न करता। मैं भी अगर ...... तब सारा जग मेरा अपना होता पासपोर्ट-वीज़ा कोई न खोजता स्वच्छन्द वन-वन में घूमता होता विश्व-भर में मेरा अपना राज्य होता। मैं भी अगर ...... प्यार के गीत जन-जन को सुनाता आवाज से अपनी सब को लुभाता मानवता की वेदी पर सिर झुकाता सागर-उर्मिल का झूला झुलाता मैं भी अगर एक छोटा पंछी होता |
- पंछी के रूप में कवि की क्या अभिलाषा है? [1]
- समस्त विश्व पर राज्य करने की
- समस्त विश्व का भ्रमण करने की
- समस्त विश्व में प्रेम-प्रसार करने की
- समस्त वन-प्रदेश में स्वतंत्र घूमने की
- 'आदमी का गुण मुझमें होता' −पंक्ति में निहितार्थ 'गुण' से कवि का अभिप्राय है: [1]
- आदमी में विद्यमान अवगुण।
- आदमी में विद्यमान अच्छाइयाँ।
- आदमी में विद्यमान मानवता की भावना।
- आदमी में विद्यमान परोपकार की भावना।
- प्रस्तुत काव्यांश में कवि समर्थक है: [1]
- भ्रमण, हिंसा, भ्रष्टाचार और अहंकार का
- भ्रमण, अहिंसा, ईमानदारी और शानो-शौकत का
- शांति, हिंसा, ईमानदारी और शानो-शौकत का
- शांति, अहिंसा, ईमानदारी और विश्व-बंधुत्व का
- 'स्वच्छन्द वन-वन में घूमता होता' पंक्ति में आए 'स्वच्छन्द' शब्द का पर्यायवाची नहीं है: [1]
- आज़ाद
- निरंकुश
- मुक्त
- नियंत्रित
- 'सागर-उर्मिल का झूला झुलाता है' −पंक्ति के रेखांकित अंश में कौन-सा अलंकार है? [1]
- रूपक
- उत्पेक्षा
- मानवीकरण
- अतिश्योक्ति
आकलन
उत्तर
- समस्त विश्व पर राज्य करने की
व्याख्या: पंछी के रूप में कवि की अभिलाषा है कि वह स्वच्छन्द होकर वन-वन में घूमना चाहता है और विश्व-भर अपना राज्य स्थापित करना चाहता है। - आदमी में विद्यमान अवगुण।
- शांति, अहिंसा, ईमानदारी और विश्व-बंधुत्व का
- नियंत्रित
- मानवीकरण
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