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प्रश्न
निम्नलिखित कथन का अध्ययन कीजिए :
“दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा पर लंब नहीं हो सकती हैं।”
जाँच कीजिए कि क्या यह कथन यूक्लिड पाँचवीं अभिधारणा का समतुल्य रूपांतरण है।
[संकेत : उपरोक्त कथन में, दो प्रतिच्छेदी रेखा l और m तथा एक अन्य रेखा n की पहचान कीजिए।]
उत्तर
यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा के दो समतुल्य संस्करण इस प्रकार हैं -
- प्रत्येक रेखा l के लिए और प्रत्येक बिंदु P के लिए जो l पर स्थित नहीं है, P से गुजरने वाली और l के समानांतर एक अद्वितीय रेखा m मौजूद है।
- दो अलग-अलग प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा के समानांतर नहीं हो सकतीं।
उपरोक्त दो कथनों से यह स्पष्ट है कि दिया गया कथन यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा का समकक्ष संस्करण नहीं है।
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लम्ब रेखाएँ
कथन “प्रत्येक रेखा l और उस पर न स्थित प्रत्येक बिंदु P के लिए, एक अद्वितीय रेखा का अस्तित्व है जो P से होकर जाती है और l के समांतर है” प्लेफेयर अभिगृहीत कहलाता है।
यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा को अन्य अभिधारणाओं और अभिगृहीतों का प्रयोग करते हुए, सिद्ध करने के प्रयासों के फलस्वरूप अन्य अनेक ज्यामितियों की खोज हुई।
निम्नलिखित आकृति में BM = BN हैं, M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है तथा N रेखाखंड BC का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि AB = BC है।
निम्नलिखित कथन को पढ़िए :
एक समबाहु त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है।
इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाषित कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोई अपरिभाषित पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण आवश्यक रूप से बराबर नहीं होते हैं।
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं।
क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत (अविरोधी) है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :
- यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर नहीं होते हैं।
- यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो तो इस प्रकार प्राप्त दोनों आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत है?