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प्रश्न
निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है?
विकल्प
कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय
वो खाए बौराए जग, या पाए बौराए।नहिं पराग नहि मधुर मधु, नहिं विकास इहिं काल
अली कली-ही सों बँध्यो, आगे कौन हवाल।चमचमात चंचल नयन, विच घूँघट पट छीन
मनहु सुरसीता विमल, जल उछरत जुग मीन।कोटि कुलिस-सम-वचन तुम्हारा
व्यर्थ धरहु बान कुठारा।
उत्तर
चमचमात चंचल नयन, विच घूँघट पट छीन
मनहु सुरसीता विमल, जल उछरत जुग मीन।
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अलंकार बताइए:
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स्तम्भ-I और स्तम्भ-II को उचित विकल्प से सुमेलित कीजिए -
स्तम्भ-I | स्तम्भ-II | ||
(I) | हेमकुंभ ले उषा सवेरे भरती ढुलकाती सुख मेरे। | (अ) | श्लेष अलंकार |
(II) | हरिमुख मानो मधुर मयंक। | (ब) | उत्प्रेक्षा अलंकार |
(III) | पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून। | (स) | मानवीकरण अलंकार |