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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए: मुद्दे समता की ओर (1) रचनाकार का नाम (2) रचना की विधा (3) पसंद की पंक्तियाँ (4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण (5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:

मुद्दे समता की ओर
(1) रचनाकार का नाम  
(2) रचना की विधा  
(3) पसंद की पंक्तियाँ  
(4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण  
(5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा  
सारिणी

उत्तर

मुद्दे समता की ओर
(1) रचनाकार का नाम मुकुटधर पांडेय
(2) रचना की विधा नई कविता
(3) पसंद की पंक्तियाँ वे खाते हैं हलुवा-पूड़ी, दूध-मलाई ताजी,
इन्हें नहीं मिलती पर सूखी रोटी और न भाजी।
(4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण इन पंकितयों में कवि ने निर्धन और धनवान के जीवन का सजीव वर्णन किया है। धनवान लोग हलवा-पूरी, दूध मलाई ताजी खाते हैं, वहाँ निर्धन लोगों को सूखी रोटी और भाजी भी नसीब नहीं होती हैं। दिल को हिला देने वाली यह पंक्तियाँ मन को भाती है।
(5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा प्रस्तुत रचना से हमें यह संदेश मिलता है, कि समाज में रहते हुए धनवान लोगों की निर्धन, गरीब लोगों के प्रति हमदर्दी होनी चाहिए। गरीब भाईयों की भलाई के बारे में सोचना चाहिए।
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समता की ओर
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2018-2019 (March) Set 1

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