हिंदी

निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए। तू दयालु दीन हौं, तू दानि हौं भिखारि।हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंजहारि। - Hindi

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।

तू दयालु दीन हौं, तू दानि हौं भिखारि।
हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंजहारि।

व्याकरण

उत्तर

भक्ति रस

shaalaa.com
रस
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (March) Set 1

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।

माला फेरत जुग भया, गया न मन का फेर।
कर का मनका डारि कैं, मन का मनका फेर।।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।

कहा - कैकयी ने सक्रोध
दूर हट! दूर हट! निर्बोध!
द्‌विजिव्हे रस में, विष मत घोल।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।

सिर पर बैठो काग, आँखि दोऊ खात
खींचहि जींभहि सियार अतिहि आनंद उर धारत।
गिद्ध जाँघ के माँस खोदि-खोदि खात, उचारत हैं।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए:

माटी कहै कुम्हार से तू क्यों रौंदे मोहे।
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रोदूँगी तोहे॥


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।

एक अचंभा देखा रे भाई, ठाढ़ा सिंह चरावै गाई।
पहले पूत पाछो भाई, चेला कें गुरू लागे पाई।।


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

दुख में सुमिरण सब करै, सुख में करै न कोय।
जो सुख में सुमिरण करे, ताकों काहे दुःख होय।।


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

सिर पर बैठ्यो काग, आँख दोऊ खात निकारत।
खींचत जीभहिं स्यार अतिहिं आनंद उर धारत।
गिद्ध जाँघ को खोदि-खोदि कै माँस उपारत,
स्वान आँगुरिन काटि-काटि कै, खात विदारत।


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

अखिल भुवन चर, अचर सब, हरि मुख में लख मातु।
चकित भई, गद्गद बचन, विकसित दृग पुलकातु।


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

एक भरोसे, एक बल एक आस विश्वास।
एक राम घनश्याम हित, चातक तुलसीदास।


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

मोको कहाँ ढूँढ़े बंदे मैं तो तेरे पास में।
खोजी होय तो तुरतहिं मिलिहैं, पलभर की तालास में।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए:

सुडुक-सुडुक घाव से पिल्लू (मवाद) निकाल रहा है,
नासिका से श्वेत पदार्थ निकाल रहा है।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए:

राम के रूप निहारति जानकी, कंकन के नग की परछाही,
याते सबै सुधि भूलि गई, कर टेकि रही पल टारत नाही।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×