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प्रश्न
निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।
हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया
उत्तर
हॉफमान ने प्राथमिक ऐमीनों के विरचन के लिए एक विधि विकसित की जिसमें किसी ऐमाइड की NaOH के जलीय अथवा ऐथेनॉलिक विलयन में ब्रोमीन से अभिक्रिया करते हैं। इस निम्नीकरण अभिक्रिया में ऐल्किल अथवा ऐरिल समूह का स्थानांतरण ऐमाइड के कार्बोनिल कार्बन से ऐमीन के कार्बोनिल परमाणु पर होता है। इस प्रकार प्राप्त ऐमीन में ऐमाइड से एक कार्बन कम होता है।
\[\begin{array}{cc}
\ce{O}\phantom{.............................................................}\\
||\phantom{.............................................................}\\
\ce{R - C - NH2 + Br2 + 4NaOH -> R - NH2 + Na2CO3 + 2NaBr + 2H2O}
\end{array}\]
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\[\ce{CH3CH2I ->[NaCN] A ->[OH-][{आंशिक जलयोजन}] B ->[NaOH + Br2] C}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5N2Cl + H3PO2 + H2O ->}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5N2Cl ->[(i) HBF4][(ii) NaNO2/Cu,\Delta]}\]
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