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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ८० से १०० शब्दों में लिखिए: फीचर लेखन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए। - Hindi

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

फीचर लेखन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।

लघु उत्तरीय

उत्तर

फीचर लेखन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ:

  1. फीचर लेखन में आरोप-प्रत्यारोप करने से बचना चाहिए।
  2. फीचर लेखन में आलंकारिक और अति क्लिष्ट भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  3. फीचर लेखन में अति नाटकीयता से बचना चाहिए।
  4. झूठा तथ्यात्मक आंकड़े, प्रसंग अथवा घटनाओं का उल्लेख करना उचित नहीं।
  5. फीचर लेखन में अति कल्पनाओं और हवाई बातों के प्रयोग से बचना चाहिए।
  6. फीचर लेखन में भावप्रधानता होनी चाहिए, क्योंकि नीरस फीचर कोई भी नहीं पढ़ना चाहता।
  7. फीचर बहुत लंबा, उबाऊ और गंभीर नहीं होना चाहिए। फीचर में विषय की नवीनता होना आवश्यक है।
  8. फीचर लेखन की भाषा सहज, संप्रेषणीयता से परिपूर्ण होनी चाहिए।
  9. फीचर से संबंधित तथ्यों का आधार दिया जाना चाहिए। विश्वसनीयता के लिए फीचर में तार्किकता आवश्यक है।
  10. फीचर लेखन पाठक की मानसिक योग्यता और शैक्षिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
  11. फीचर में किसी व्यक्ति अथवा घटना विशेष का उदाहरण दिया गया हो तो उसकी संक्षिप्त जानकारी भी देनी चाहिए।
  12. फीचर के विषयानुकूल चित्रों, कार्टूनों अथवा फोटो का उपयोग किया जाए तो फीचर अधिक प्रभावशाली बन जाता है।
  13. फीचर लेखन में राष्ट्रीय स्तर के तथा अन्य महत्त्वपूर्ण तथा समसामयिक विषयों का समावेश होना चाहिए।
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फीचर लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 15: फीचर लेखन - पाठ पर आधारित [पृष्ठ ९०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
अध्याय 15 फीचर लेखन
पाठ पर आधारित | Q 3 | पृष्ठ ९०

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फीचर लेखन के मुख्य तीन अंगों में से एक है:


निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

रोचक प्रसंगों के साथ स्नेहा विद्यार्थियों को फीचर लेखन की विशेषताएँ बताने लगी, “अच्छा फीचर नवीनतम जानकारी से परिपूर्ण होता है। किसी घटना की सत्यता अथवा तथ्यंता फीचर का मुख्य तत्व है। फीचर लेखन में राष्ट्रीय स्तर के तथा अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों का समावेश होना चाहिए क्योंकि समाचार पत्र दूर-दूर तक जाते हैं। इतना ही नहीं ; फीचर का विषय समसामयिक होना चाहिए। फीचर लेखन में भावप्रधानता होनी चाहिए क्योंकि नीरस फीचर कोई नहीं पढ़ना चाहता। फीचर के विषय से संबंधित तथ्यों का आधार दिया जाना चाहिए। '' स्नेहा आगे बोलती जा रही थी,' विश्वसनीयता के लिए फीचर में विषय की तार्किकता को देना आवश्यक होता है। तार्किकता के बिना फीचर अविश्वसनीय बन जाता है। फीचर में विषय की नवीनता का होना आवश्यक है क्योंकि उसके अभाव में 'फीचर अपठनीय बन जाता है। फीचर में किसी व्यक्ति अथवा घटना विशेष का उदाहरण दिया गया हो तो उसकी संक्षिप्त जानकारी भी देनी चाहिए।''

पाठक की मानसिक योग्यता और शैक्षिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर फीचर लेखन किया जाना चाहिए। उसे प्रभावी बनाने हेतु प्रसिद्ध व्यक्तियों के कथनों, उदाहरणों, लोकोक्तियों और मुहावरों का प्रयोग फीचर में चार चाँद लगा देता है।

1. प्रश्न के उत्तर लिखिए।   (2)

  1. फीचर का मुख्य तत्त्व लिखिए।
  2. फीचर लेखन में भाव प्रधानता क्यों होनी चाहिए?
  3. किस के बिना फीचर अविश्वसनीय बन जाता है?
  4. फीचर लेखन में किससे चार चाँद लगते है?

2. निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।  (2)

  1. नीरस × ______
  2. निष्पक्ष × ______
  3. विख्यात × ______
  4. क्लीष्ट × ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए।  (2)

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