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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए- अमृता प्रीतम - आप औरत को औरत के तौर पर महत्त्व नहीं देते ? केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं ? -

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प्रश्न

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

अमृता प्रीतम - आप औरत को औरत के तौर पर महत्त्व नहीं देते ? केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं ?

शोभा सिंह - मैं रचनात्मक शक्ति के सम्बन्ध में कह रहा हूँ।

जैसे अमृता का महत्त्व उसके लेखिका होने के कारण है, शोभा सिंह का चित्रकार होने के कारण, उसी तरह औरत का महत्त्व उसके माँ होने के कारण है। उसकी रचनात्मक शक्ति उसके माँ होने में है। अपने अस्तित्व की धरती में वह एक बीज को धारण करने के लिए माँ-बाप, बहन- भाई, घर-सहेलियाँ, सब कुछ छोड़कर वह एक नई और ऊपरी धरती पर चली जाती है। यह कितनी बड़ी साधना है यह उसकी कला है, उसकी दैवी शक्ति उसका ज्ञान इसी जगह वह ' जीनियस ' है।

(1) कृति पूर्ण कीजिए (2)

(2) (i) लिंग परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए :  (1)

केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं।

(ii) निम्तलिखित शब्दों के लिए गद्यांश यें आए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।  (1)

  1. नारी - ______
  2. बल - ______

(3) स्त्री होने का महत्त्व 20 से 30 शब्दों में समझाइए।  (2)

संक्षेप में उत्तर
सारिणी
एक पंक्ति में उत्तर
एक शब्द/वाक्यांश उत्तर

उत्तर

(1) 

(2) (i) केवल पिताजी के तौर पर महत्त्व देते हैं।

(ii) 

  1. नारी - औरत
  2. बल - शक्ति

(3) स्त्री त्याग, ममता, करुणा, दया की साक्षात देवी मानी जाती है। स्त्री संपूर्ण पृथ्वी के सृजन का भाग है। सृजनता से नया जीवन और जीव-तत्व का निर्माण कर सर्वश्रेष्ठ स्थान धारण करती है। जीवन-चक्र हेतु यह पुरुषों के कदम से कदम मिलाकर उन्हें संपूर्णता प्रदान करती है। वह सुख और दु:ख में हमेशा निष्ठा रखती है।

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चार हाथ चॉंदना
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