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प्रश्न
निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:
भला कर और भूल जा
उत्तर
'भला कर और भूल जा'
एक बहुत ही बड़े ऋषि थे। उनका नाम महर्षि श्याम था। वे एक गुरु थे। वो एक जंगल में अपने शिष्यों के साथ रहते थे। महर्षि श्याम शिष्यों को अलग अलग प्रकार के ज्ञान अर्जित करते थे। वह बहुत परोपकारी व दयावान थे। महर्षि श्याम हर पल शिष्योंकी परीक्षा लेते रहते थे। पर सारे शिष्य उनके परीक्षा में सफल भी हो जाते थे।
वर्षा का माह चल रहा था। बारिश की एक सुबह महर्षि श्याम उनके शिष्यों के साथ जंगल में लकड़ियाँ लाने निकल पड़े। सारे शिष्य लकड़ियाँ जमा कर रहे थे और साथ में प्रकृति का सुंदर आविष्कार का आनंद ले रहे थे। महर्षि भी उनके साथ ही थे। अचानक महर्षि को पानी में एक बिच्छू को डूबते देखा। वो बिच्छू बाहर आने का बहोत प्रयास कर रहा था परन्तु पानी के बहाव के कारण वो पानी में डूब जाता। महर्षि ने तुरंत तत्काल उसे अपनी हथेली पर उठा लिया। स्वभाववश बिच्छू ने महर्षि के हाथ पर डंक मार दिया, परन्तु ऋषि शांत रहे। बाद में बिच्छू को एक सुखी जगह पे छोड़ दिया। शिष्यों में से एक ने ऋषि को पूछा की, "गुरुदेव ! इस बिच्छू ने आपको डंक मारा और आप इसे कोई दंड नहीं देंगे ?" तो ऋषि ने हसकर शांत भाव से कहा, "क्षमा ही हमारी प्रकृति है।" बिच्छू का स्वभाव में ही है डंक मारना। पर उसकी वजह से हम अपना धर्म भूल जाए ये उचित नहीं हैं। अपना कार्य करो और उसके फल की आशा मत रखो।
सीख - अपना कर्म करते रहो और फल की आशा मत करो।