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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि भ्रष्टाचार न होता
उत्तर
यदि भ्रष्टाचार न होता
कल्पना कीजिए, यदि समाज में भ्रष्टाचार का प्रकोप न होता, तो हमारा देश कितना उन्नत और समृद्ध हो जाता। भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है, जो प्रशासनिक तंत्र, आर्थिक व्यवस्था और सामाजिक संरचना में दरार डाल देती है। यदि भ्रष्टाचार न होता, तो सरकारी योजनाएँ बिना किसी रुकावट के सीधे जनता तक पहुँचतीं, जिससे विकास कार्य तीव्र गति से होते।
शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता होती, जिससे लोगों का विश्वास सरकार पर और बढ़ जाता। सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी बिना किसी भ्रष्ट्राचार के सही तरीके से अपना कर्तव्य निभाते और जनता की समस्याओं का समाधान तत्काल होता।
इसके अतिरिक्त, यदि भ्रष्टाचार न होता, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता और देश में विदेशी निवेश के अवसर भी बढ़ते। अर्थव्यवस्था मजबूत होती और रोजगार की स्थिति में सुधार होता। समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय और समानता का संदेश पहुँचता, जिससे सामाजिक ताने-बाने में भी सुदृढ़ता आती। साथ ही, भ्रष्टाचार न होने से सरकारी धन का सही उपयोग होता और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होते। देश की प्रगति में तेजी आती और आम जनता का जीवन स्तर सुधरता। लोगों के बीच एक नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच पैदा होती, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती।
इस प्रकार, यदि भ्रष्टाचार न होता, तो न केवल आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से देश समृद्ध होता, बल्कि एक आदर्श समाज की स्थापना भी संभव होती, जहाँ हर नागरिक को समान अवसर और न्याय मिल सके।