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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग)
संकेत बिंदु:
- क्या है
- कारण और प्रभाव
- उपाय
उत्तर
वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) वैश्विक ऊष्मीकरण या ग्लोबल वार्मिंग, आज की दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक है। यह पृथ्वी के वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन आदि) की बढ़ती मात्रा के कारण होता है, जिससे पृथ्वी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियाँ हैं, जैसे जीवाश्म ईंधनों का जलना, वनों की कटाई, और औद्योगिक प्रदूषण। ग्लोबल वार्मिंग के परिणामस्वरूप पृथ्वी पर कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। इनमें ध्रुवीय बर्फ की पिघलना, समुद्र का जलस्तर बढ़ना, मौसम में अनियमितता, और कृषि पर नकारात्मक प्रभाव शामिल हैं। यह समस्या न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि मानव जीवन, वन्यजीवन और समस्त पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी खतरा बन रही है। तूफान, चक्रवात, सूखा, बाढ़ आदि की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पृथ्वी का बढ़ता तापमान वन्य जीव, जानवरों एवं पृथ्वी पर जीवित हर प्राणी को प्रभावित करता है। विद्युत संयंत्रों से निकलने वाली गैसों, परिवहन, वनों की कटाई जैसी मानवीय गतिविधि गयों के परिणामस्वरूप पृथ्वी के वायुमंडल में कार्बन 'डाइऑक्साइड एवं अन्य प्रदूषक गैसों में वृद्धि हुई है। हमें शीघ्र इसे रोकने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। इसका सबसे अच्छा तरीका वनों को काटने पर प्रतिबंध लगाना और वनीकरण को प्रोत्साहित किया जाना है। इससे निपटने के लिए हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए, वृक्षारोपण करना चाहिए, और जीवाश्म ईंधनों के उपयोग को कम करना चाहिए। यदि हम इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाते, तो आने वाले समय में इसके और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। |