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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत- बिन्दुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
स्वच्छता में आम आदमी की भूमिका
- स्वच्छता क्यों आवश्यक
- स्वच्छता का स्वास्थ्य पर प्रभाव
- हमारी भूमिका
उत्तर
स्वच्छता में आम आदमी की भूमिका
स्वच्छता स्वस्थ और खुशहाल समाज की नींव है। यह सिर्फ सफाई करने का काम नहीं है, बल्कि एक आदत है जो व्यक्ति, समाज और पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखती है। स्वच्छता का न केवल स्वास्थ्य से सीधा संबंध है, बल्कि यह देश के विकास और प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती है।
स्वच्छता का महत्व इस बात में निहित है कि यह बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। गंदगी से मच्छर, कीटाणु और बैक्टीरिया पनपते हैं, जो मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी कई बीमारियों का कारण बनते हैं। स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है। स्वच्छ वातावरण समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।
स्वच्छता का हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। गंदगी और कचरे से होने वाला प्रदूषण न केवल बीमारियों को फैलाता है, बल्कि प्रदूषित पानी और हवा के कारण श्वसन संबंधी समस्याए भी पैदा करता है। स्वच्छ वातावरण मानसिक शांति प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति अधिक उत्पादक और खुशहाल जीवन जी सकता है।
स्वच्छता बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आम आदमी को अपने घर, गली और आस-पास के इलाकों को साफ रखने की कोशिश करनी चाहिए। कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर फेंकना, प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना हमारी जिम्मेदारी है। हमें सरकार की योजनाओं जैसे 'स्वच्छ भारत अभियान' का समर्थन करके समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।
निष्कर्ष: स्वच्छता में आम आदमी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता को अपनी आदत बनाकर ही हम एक स्वस्थ और उन्नत समाज का निर्माण कर सकते हैं।