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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
सर्दी की एक कँपकँपाती रात
उत्तर
सर्दी की एक कँपकँपाती रात
सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाओं और कोहरे की चादर लेकर आता है। इस ऋतु में रातें बेहद ठंडी और कँपकँपाने वाली होती हैं। ऐसी ही एक सर्दी की रात मुझे हमेशा याद रहेगी, जब ठंड अपने चरम पर थी। आसमान में तारे जैसे ठिठुरकर छिप गए हों, और चारों ओर गहरी खामोशी छाई हुई थी। हवा इतनी ठंडी थी कि खिड़कियों और दरवाजों से छनकर आने वाली सरसराहट तक मन को कंपा रही थी।
रात का समय था, और मैं अपने गर्म कमरे में कंबल में लिपटा हुआ चाय की प्याली लेकर बैठा था। तभी बाहर से किसी की धीमी आवाज़ सुनाई दी। खिड़की से झाँककर देखा तो एक बेसहारा कुत्ता ठंड से कांपता हुआ दरवाजे के पास दुबका बैठा था। उसका दुबला-पतला शरीर और ठिठुरती आँखें देखकर मेरा दिल पिघल गया। मैंने तुरंत अलमारी से एक पुराना कंबल निकाला और बाहर जाकर उसे ओढ़ा दिया। साथ ही, उसे खाने के लिए ब्रेड और दूध दिया। वह कुछ देर तक मेरे पैरों के पास बैठा रहा, जैसे मेरे इस छोटे से कार्य के लिए धन्यवाद दे रहा हो।
उस रात मैंने महसूस किया कि सर्दी की ठिठुरन सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि उन सभी प्राणियों के लिए भी कठिन है जो हमारे चारों ओर रहते हैं। उस छोटे से अनुभव ने मुझे सिखाया कि अपने छोटे प्रयासों से हम किसी की जिंदगी को थोड़ा बेहतर बना सकते हैं।
सर्दी की वह कँपकँपाती रात मेरे लिए सिर्फ एक मौसम नहीं, बल्कि इंसानियत और दया का प्रतीक बन गई। ऐसे ही छोटे-छोटे कार्य हमारे जीवन को भी गरमाहट और संतोष से भर देते हैं।