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निम्नलिखित यौगिक को नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में उसकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए – एथेनैल, प्रोपेनैल, प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन [संकेत– त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

निम्नलिखित यौगिक को नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में उसकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –

एथेनैल, प्रोपेनैल, प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन

[संकेत: त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।]

रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
लघु उत्तरीय

उत्तर

ऐल्किल समूह का +I प्रभाव इस क्रम में बढ़ता है:

एथेनैल < प्रोपेनैल < प्रोपेनोन < ब्यूटेनोन

+I प्रभाव में वृद्धि के साथ कार्बोनिल कार्बन पर इलेक्ट्रॉनों का घनत्व बढ़ता है। परिणामस्वरूप, नाभिकरागी द्वारा आक्रमण की संभावना घट जाती है। अतः, दिए गए कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकरागी योगज अभिक्रियाओं में अभिक्रियाशीलता की बढ़ती हुई क्रम इस प्रकार है:

ब्यूटेनोन < प्रोपेनोन < प्रोपेनैल < एथेनैल

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रासायनिक अभिक्रियाएँ - नाभिकरागी योगज अभिक्रिया
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अध्याय 12: ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं काबोंक्सिलिक अम्ल - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ ३८८]

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एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 12 ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं काबोंक्सिलिक अम्ल
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 12.4 (क) | पृष्ठ ३८८

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निम्नलिखित यौगिक को नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में उसकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –

बेन्जैल्डिहाइड, p-टॉलूऐल्डिहाइड, p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड, ऐसीटोफीनोन

[संकेत: त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।]


निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद पहचानिए –

\[\begin{array}{cc}
\phantom{..............}\ce{O}\\
\phantom{..............}||\\
\ce{R - CH = CH - CHO + NH2 - C - NH - NH2 ->[H+]}\end{array}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद पहचानिए –


निम्नलिखित पद (शब्द) से आप क्या समझते हैं? निम्नलिखित पद का एक उदाहरण दीजिए।

सायनोहाइड्रिन


निम्नलिखित पद (शब्द) से आप क्या समझते हैं? निम्नलिखित पद का एक उदाहरण दीजिए।

सेमीकार्बेजोन


साइक्लोहेक्सेनकार्बोल्डिहाइड की निम्नलिखित अभिकर्मकों के साथ अभिक्रिया से बनने वाले उत्पादों को पहचानिए-

सेमीकार्बेज़ाइड एवं दुर्बल अम्ल


निम्नलिखित यौगिकों को उनसे संबंधित (कोष्ठक में दिए गए) गुणधर्म के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

ऐसीटैल्डिहाइड, ऐसीटोन, डाइ-तृतीयक-ब्यूटिलकीटोन, मेथिल तृतीयक-ब्यूटिलकीटोन (HCN के प्रति अभिक्रियाशीलता)


आप निम्नलिखित रूपांतरण को अधिकतम दो चरणों में किस प्रकार से संपन्न करेंगे?

ब्रोमोबेन्ज़ीन से 1-फ़ेनिलएथेनॉल


निम्नलिखित के संभावित कारण दीजिए–

साइक्लोहेक्सेनोन अच्छी लब्धि में सायनोहाइड्रिन बनाता है। परंतु 2, 2, 6-ट्राइमेथिलसाइक्लोहेक्सेनोन ऐसा नहीं करता।


निम्नलिखित के संभावित कारण दीजिए–

सेमीकार्बोज़ाइड में दो −NH2 समूह होते हैं, परंतु केवल एक −NH2 समूह ही सेमीकार्बेज़ोन विरचन में प्रयुक्त होता है।


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