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पारिस्थितिकीविद् किस प्रकार विश्व की कुल जातियों का आकलन करते हैं? - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

पारिस्थितिकीविद् किस प्रकार विश्व की कुल जातियों का आकलन करते हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

पृथ्वी पर जातीय विविधता समान रूप से वितरित नहीं है, बल्कि एक रोचक प्रतिरूप दर्शाती है। पारिस्थितिकीविद् विश्व की कुल जातियों का आंकलन अक्षांशों पर तापमान के आधार पर करते हैं। जैव विविधता साधारणतया, उष्ण कटिबंध क्षेत्र में सबसे अधिक तथा ध्रुवों की तरफ घटती जाती है। उष्ण कटिबंध क्षेत्र में जातीय समृद्धि के महत्त्वपूर्ण कारण इस प्रकार हैं- उष्ण कटिबंध क्षेत्रों में जैव जातियों को विकास के लिए अधिक समय मिला तथा इस क्षेत्र को अधिक सौर ऊर्जा प्राप्त हुई जिससे उत्पादकता अधिक होती है। जातीय समृद्धि किसी प्रदेश के क्षेत्र पर आधारित होती है। पारिस्थितिकीविद् प्रजाति की उष्ण एवं शीतोष्ण क्षेत्र में मिलने की प्रवृत्ति, अधिकता आदि की अन्य जंतु व पादपों से तुलना कर उसके अनुपात की गणना और आकलन करते हैं।

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जैव विविधता
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अध्याय 15: जैव - विविधता एवं संरक्षण - अभ्यास [पृष्ठ २९५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Biology [Hindi] Class 12
अध्याय 15 जैव - विविधता एवं संरक्षण
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ २९५

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