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प्रायोगिक तथा नियंत्रित समूह एक-दूसरे से कैसे भिन्न होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से व्याख्या कीजिए | - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

प्रायोगिक तथा नियंत्रित समूह एक-दूसरे से कैसे भिन्न होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से व्याख्या कीजिए |

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उत्तर

  • प्रायोगिक तथा नियंत्रित समूह एक-दूसरे से भिन्न होते हैं | प्रायोगिक समूह वह समूह होता है जिसमें समूह सदस्यों को अनाश्रित परिवर्त्य प्रहस्तन के लिए प्रस्तुत किया जाता है जो नियंत्रित समूह में अनुपस्थित रहता है | उदाहरण के लिए, लताने और डार्ली के अध्ययन में, दो प्रायोगिक समूह और एक नियंत्रित समूह थे | अध्ययन में प्रतिभागी तीन कक्षों में भेजे गए थे | एक कक्ष में कोई उपस्थित नहीं था (नियंत्रित समूह) | अन्य दो कक्षों में दो व्यक्ति बैठाए गए थे (प्रायोगिक समूह) |
  • एक कक्ष में दो व्यक्तियों की उपस्थिति या अनुपस्थिति अनाश्रित परिवर्त्य था | कक्ष में भौतिक एवं अन्य प्रकार की सुविधाएँ दोनों समूहों के लिए एकसमान थीं | प्रायोगिक समूह में, दो व्यक्ति असली प्रतिभागी के रूप में मौजूद थे तथा नियंत्रित समूह में कोई प्रतिभागी नहीं था | इसलिए यह कहा जा सकता है कि नियंत्रित समूह में प्रहस्तित परिवर्त्य अनुपस्थित रहता है |
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मनोविज्ञान की कुछ महत्वपूर्ण विधियाँ - प्रायोगिक विधि
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अध्याय 2: मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 2 मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 4. | पृष्ठ ४१
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