Advertisements
Advertisements
प्रश्न
परिच्छेद पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।
उत्तर
इस परिच्छेद में गुरु और विद्यार्थियों की किताबें पढ़ने के प्रति जो रुचि है उसे दर्शाया गया है। एक ओर जहाँ गुरु जी को पढ़ने का इतना शौक है कि वे जब भी मौका मिलता, कोई-न-कोई किताब अवश्य पढ़ते नजर आते और वहीं दूसरी ओर उन्हें पढ़ते देखकर उनके विद्यार्थी को भी उनसे पढ़ने की प्रेरणा मिलती है। वह भी अधिक-से-अधिक किताबें पढ़ना चाहता है। केवल कोर्स की किताबें ही नहीं पढ़ना चाहता, बल्कि नई-नई किताबें पढ़ने के लिए भी उसका मन उत्सुक हो जाता है। वह गुरु जी से किताबें माँगकर पढ़ने का साहस नहीं कर पाता, इसलिए बड़ा होकर ढेर सारी किताबें खरीदकर पढ़ने की बात सोचता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘नम्रता होती है जिनके पास, उनका ही होता दिल में वास।’ इस विषय पर अन्य सुवचन तैयार कीजिए :
संजाल पूर्ण कीजिए:
डाँटना इस अर्थ में आया हुआ मुहावरा लिखिए।
‘कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता’ इस पर एक प्रसंग लिखकर उसे कक्षा में सुनाइए ।
कारण लिखिए:
मित्रों द्वारा मूर्ख समझे जाने पर भी लेखक महोदय खुश थे क्योंकि ______
कारण लिखिए:
पुस्तकों की ढेरियाँ बना रखी थीं क्योंकि ______
‘अध्यापक के साथ विद्यार्थी का रिश्ता’ विषय पर स्वमत लिखिए।
संजाल पूर्ण कीजिए:
‘स्वयं अनुशासन’ पर कक्षा में चर्चा कीजिए तथा इससे संबंधित तक्तियाँ बनाइए ।