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प्रश्न
पृथ्वी के ऊपर सूर्य की किरणें सर्वत्र लंबरूप क्यों नहीं पड़तीं।
लघु उत्तरीय
उत्तर
पृथ्वी के ऊपर सूर्य की किरणें सर्वत्र लंबवत (लंबरूप) नहीं पड़तीं क्योंकि पृथ्वी का आकार गोलाकार (स्फेरिकल) है और यह अपनी धुरी पर झुकी हुई है। इसके साथ ही, सूर्य की किरणें पृथ्वी के हर हिस्से पर एक समान कोण पर नहीं पहुंचतीं। इसके पीछे निम्नलिखित कारण हैं:
- पृथ्वी का गोलाकार आकार:
- पृथ्वी का गोलाकार आकार यह सुनिश्चित करता है कि सूर्य की किरणें केवल भूमध्य रेखा के आसपास लंबवत पड़ती हैं।
- जैसे-जैसे हम भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाते हैं, सूर्य की किरणें तिरछी होती जाती हैं।
- पृथ्वी की धुरी का झुकाव:
- पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5° के झुकाव पर घूमती है।
- यह झुकाव विभिन्न स्थानों पर सूर्य की किरणों के गिरने के कोण को प्रभावित करता है।
- इस कारण से सूर्य की किरणें केवल कुछ स्थानों पर ही सीधे (लंबवत) गिरती हैं, जैसे कि वर्ष के विशिष्ट समय पर कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच।
- पृथ्वी का परिक्रमण:
- पृथ्वी सूर्य के चारों ओर अण्डाकार पथ पर परिक्रमा करती है।
- इस परिक्रमा और धुरी के झुकाव के कारण वर्ष के अलग-अलग समय पर सूर्य की किरणें अलग-अलग क्षेत्रों में लंबवत पड़ती हैं।
सूर्य की किरणें पृथ्वी के सभी स्थानों पर लंबवत नहीं पड़तीं क्योंकि पृथ्वी का आकार गोलाकार है, इसकी धुरी झुकी हुई है, और यह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है। इन कारणों से विभिन्न स्थानों पर किरणें अलग-अलग कोण पर पड़ती हैं।
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