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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

पर्यटन से होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

पर्यटन से होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में अपने विचार लिखिए।

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उत्तर

आदिकाल से ही मनुष्य पर्यटन करता रहा है। जब हमारे पूर्वज खाने की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे, उनका पर्यटन खुद ही हो जाता था। किसी चीज का वास्तविक ज्ञान प्राप्त करने के लिए उसको प्रत्यक्ष देखना आवश्यक है। घर बैठे-बैठे हम काल्पनिक ज्ञान, ही प्राप्त कर सकते है लेकिन यथार्थ स्वरूप का ज्ञान तो उस वस्तु को प्रत्यक्ष देखने से ही प्राप्त हो सकता है; अतः भौगोलिक, ऐतिहासिक, पुरातत्व, आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक ज्ञान की वृद्धि के लिए पर्यटन अवश्य करना चाहिए। जो व्यक्ति जितना अधिक पर्यटन करता है। उसका ज्ञान तथा अनुभव उतना ही अधिक यथार्थ होता है।

घूमने फिरने से हर स्थान, लोगो के रहन-सहन, बोल चाल, लोगो की सोच इत्यादि का पता चलता है। जब व्यक्ति कुछ दिनों की छुट्टी लेकर अपने परिवार और दोस्तों के साथ घूमने जाता है , उसका मन ख़ुशी से भरा हुआ रहता है। वह मानसिक तनाव और थकान को भूल जाता है। घूमने फिरने से लोगो का मन प्रसन्न रहता है। देश के राज्यों की सैर से कई जगहों के ऐतिहासिक और भूगोलिक स्तर पर जानकारी मिलती है। हर स्थान पर जहाँ हम घूमने जाते है, हम अपनी यादें समेट लेते है। उस जगह से जुड़े बारीक चीज़ो को हम अच्छी तरह से जान और समझ पाते है। वहाँ पर रहने वाले लोगो के रहन सहन को करीब से जान पाते है। यही सब कारण है जिसने पर्यटन के महत्व को बढ़ा दिया है। हमे विदेशो के सभ्यता और संस्कृति के विषय में अनगिनत जानकारी मिलती है। यह सब तभी संभव होता है, जब लोग वहाँ घूमने जाते है। 

आजकल के समय में पर्यटन एक बहुत बड़ा व्यवसाय बन गया है। आजकल देश के कई राज्यों में लोगो को भ्रमण करवाने के लिए पर्यटन ऑफिस खुल गए है। पर्यटन व्यापार से हमारे देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त होते है जो कि देश के लिए बेहद फायदेमंद है। पर्यटन के कारण लोगो में हिम्मत, रोमांच और मनोरंजन का संचार होता है। लोग ख़ुशी के संग हर स्थल को जानते है और उनके विषय में ज्ञान अर्जित करते है। इसलिए पर्यटन का अपना विशेष महत्व है।

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अथातो घुम्‍मक्‍कड़ - जिज्ञासा
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अध्याय 2.05: अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा - अभिव्यक्‍ति [पृष्ठ ८२]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 2.05 अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा
अभिव्यक्‍ति | Q १. | पृष्ठ ८२
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