हिंदी

पठित पाठ के आधार पर विद्यापति के काव्य में प्रयुक्त भाषा की पाँच विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पठित पाठ के आधार पर विद्यापति के काव्य में प्रयुक्त भाषा की पाँच विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  • विद्यापति जी के काव्य में प्रयुक्त भाषा की पाँच विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
  1. अलंकारों का बहुत ही सुंदर तथा सटीक प्रयोग किया गया है। जैसे-
    तोहर बिरह दिन छन-छन तुन छिन-चौदसि-चाँद समान।
    प्रस्तुत पंक्तियों में 'छन-छन' के अंदर वीप्सा अलंकार की छटा है 'चाँद समान' में उपमा अलंकार तथा 'चौदसि चाँद' में अनुप्रास अंलकार का प्रयोग किया गया है।
  2. इन्होंने भाषा में तत्सम शब्दों का प्रयोग किया है। जैसे- निहारल, साओन, तोहारा, तिरपित इत्यादि।
  3. इनकी भाषा मैथली है। पाठ में दी गई सभी रचनाएँ मैथली भाषा में लिखी गई है।
  4. पाठ का अंतिम भाग वियोग श्रृंगार का सुंदर उदाहरण है।
  5. इनकी भाषा में लौकिक प्रेम की अभिव्यक्ति है। तीनों भाग इस बात का प्रमाण है।
shaalaa.com
विद्यापति
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.09: विद्यापति (पद) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ५९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
अध्याय 1.09 विद्यापति (पद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ५९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×