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प्रश्न
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'अज्ञेय जी ने किसी रचना के लेखन के कौन-कौन से कारण गिनवाए हैं? अपने लेखन के बारे में उन्होंने क्या कहा? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
अज्ञेय जी ने रचना के लेखन के कई कारण गिनवाए हैं:
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अभिव्यक्ति की आवश्यकता: उन्होंने कहा कि लेखन का पहला कारण मन के भीतर उठी भावनाओं या विचारों को व्यक्त करने की तीव्र आवश्यकता होती है। लेखक अपने विचारों और भावनाओं को शब्दों के माध्यम से बाहर लाने का प्रयास करता है।
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सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी: लेखन का दूसरा कारण समाज और संस्कृति के प्रति लेखक की जिम्मेदारी है। लेखक अपने विचारों के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का प्रयास करता है, जिससे वह समाज के मुद्दों और विचारों को उजागर कर सके।
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स्वयं को जानने का प्रयास: उन्होंने यह भी कहा कि लेखन लेखक के लिए स्वयं को जानने और समझने का एक साधन है। जब लेखक लिखता है, तो वह अपने भीतर की गहराइयों का अन्वेषण करता है।
अज्ञेय जी ने कहा कि उनके लिए लेखन केवल विचारों या भावनाओं की अभिव्यक्ति मात्र नहीं है, बल्कि यह उनके लिए आत्मान्वेषण का साधन भी है। अपने लेखन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, वे इसलिए लिखते हैं, क्योंकि वे स्वयं जानना चाहते हैं कि वे क्यों लिखते हैं? उनके लेखन में आत्मसाक्षात्कार का भाव रहता है, जिसमें वे अपने जीवन और अस्तित्व के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास करते हैं। उनके लेखन का उद्देश्य अपने अनुभवों और विचारों को पाठकों के साथ साझा करना है, ताकि पाठक भी उन भावनाओं और विचारों से जुड़ सकें।