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पूर्वोत्तर के लोगों के क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति कई रूपों में होती है। बाहरी लोगों के खिलाफ आंदोलन, ज्यादा स्वायत्तता की माँग के आंदोलन और अलग देश बनाने - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

पूर्वोत्तर के लोगों के क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति कई रूपों में होती है। बाहरी लोगों के खिलाफ आंदोलन, ज्यादा स्वायत्तता की माँग के आंदोलन और अलग देश बनाने की माँग करना - ऐसी ही कुछ अभिव्यक्तियाँ हैं। पूर्वोत्तर के मान चित्र पर इन तीनों के लिए अलग - अलग रंग भरिये और दिखाइए की किस राज्य में कौन - सी प्रवृति ज्यादा प्रबल है।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. अलग देश बनाने की मांग नागालैंड तथा मिज़ोरम ने की थी कालांतर में मिजोरम स्वायत्त राज्य बनने के लिए राजी हो गया।
  2. स्वायत्तता की माँग: मणिपुर - त्रिपुरा (असमी भाषा को लादने के खिलाफ)
  3. अलगाववादी आंदोलन: मिजोरम का समाधान हो गया है। (असम सरकार द्वारा 1959 में मिजो पर्वतीय राज्य में अकाल से निपटने की असफलता के कारण ऐसी भयंकर नौवत आई थी)
  4. नागालैंड - नागालैंड में अलगाववाद की समस्या का पूर्ण समाधान अब भी नहीं हुआ है। वह बातचीत के अनेक प्रस्ताव ठुकरा चूका है। कुछ नागाओं के अल्प समूह ने भारत सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं लेकिन अंतिम रूप से अलगाववादी समस्या का समाधान होना बाकि है।
  5. पूर्वोत्तर के मान चित्र पर इन तीनों के लिए अलग - अलग रंग स्वयं भरिये और दिखाइए की किस राज्य में कौन - सी प्रवृति ज्यादा प्रबल है।
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पूर्वोत्तर
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अध्याय 8: क्षेत्रीय आकांक्षाएँ - प्रश्नावली [पृष्ठ १७०]

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एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 12
अध्याय 8 क्षेत्रीय आकांक्षाएँ
प्रश्नावली | Q 2. | पृष्ठ १७०
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