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पुष्पासन पर स्थिति के अनुसार लगे पुष्पी भागों का वर्णन करो। - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

पुष्पासन पर स्थिति के अनुसार लगे पुष्पी भागों का वर्णन करो।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

पुष्पासन पर पुष्पी भागों का निवेशन पुष्पासन पर बाह्यदल, दल, पुंकेसर तथा अण्डप की स्थिति के आधार पर पुष्प निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं

पुष्पासन पर पुष्पीय भागों को स्थिति

  • अधोजाय:
    इसमें जायांग पुष्पासन पर सर्वोच्च स्थान पर स्थित होते हैं, और अन्य अंग नीचे होते हैं। इस प्रकार के पुष्पों में अण्डाशय ऊर्ध्ववर्ती (superior) होते हैं; जैसे-सरसों, गुड़हल, टमाटर आदि।
  • परिजायंगता:
    इसमें पुष्पासन पर जायांग तथा अन्य पुष्पीय भाग लगभग समान ऊँचाई पर स्थित होते हैं। इसमें अण्डाशय आधा अधोवर्ती या आधी उर्ध्ववर्ती होता है; जैसे-गुलाब, आडू आदि में। इसमें पुष्पासन तथा अण्डाशय संयुक्त नहीं होते।
  • अधिजायंगता:
    इसमें पुष्पासन के किनारे वृद्धि करके अण्डाशय को घेर लेते हैं और अण्डाशय से संलग्न हो जाते हैं। अन्य पुष्पीय भाग अण्डाशय के ऊपर स्थित होते हैं। जैसे-अमरूद, अनार, लौकी आदि में।
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पुष्प
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अध्याय 5: पुष्पी पादपों की आकारिकी - अभ्यास [पृष्ठ ६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Biology [Hindi] Class 11
अध्याय 5 पुष्पी पादपों की आकारिकी
अभ्यास | Q 10. | पृष्ठ ६९
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