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पवनों की दिशा व वेग को प्रभावित करने वाले कारक बताएँ। - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

पवनों की दिशा व वेग को प्रभावित करने वाले कारक बताएँ।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

पवनें उच्च दाब से कम दाब की तरफ प्रभावित होती हैं। भूतल पर धरातलीय विषमताओं के कारण घर्षण पैदा होता है, जो पवनों की गति को प्रभावित करता है। इसके साथ पृथ्वी का घूर्णन भी पवनों के वेग को प्रभावित करता है। पृथ्वी के घूर्णन द्वारा लगने वाले बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है। अतः पृथ्वी के धरातल पर क्षैतिज पवनें तीन संयुक्त प्रभावों का परिणाम हैं
(क) दाब प्रवणता प्रभाव
(ख) घर्षण बल
(ग) कोरिऑलिस बल। इसके अतिरिक्त गुरुत्वाकर्षण बल पवनों को नीचे प्रवाहित करता है।

  1. दाब प्रवणता प्रभाव – वायुमंडलीय दाब भिन्नता एक बल उत्पन्न करता है। दूरी के संदर्भ में दाब-परिवर्तन की दर दाब प्रवणता है। जहाँ समदाब रेखाएँ पास-पास होती हैं, वहाँ दाब प्रवणता अधिक होती है व समदाब रेखओं के दूर-दूर होने से दाब प्रवणता कम होती है।
  2. घर्षण बल – यह पवनों की गति को प्रभावित करता है। धरातल पर घर्षण सर्वाधिक होता है। और इसको प्रभाव प्रायः धरातल से 1 से 3 कि.मी. ऊँचाई तक होता है। समुद्र सतह पर घर्षण न्यूनतम होता है।
  3. कोरिऑलिस बल – अपने अक्ष पर घूर्णन करती हुई पृथ्वी पर विषुवत रेखा के पास कोई भी बिंदु सर्वाधिक तीव्र गति से संचलन करता है।
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पवनों की दिशा व वेग को प्रभावित करने वाले बल
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अध्याय 10: वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ - अभ्यास [पृष्ठ ९८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Fundamentals of Physical Geography [Hindi]
अध्याय 10 वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ ९८
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