Advertisements
Advertisements
प्रश्न
राजनीतिक दल अपना कामकाज बेहतर ढंग से करें, इसके लिए उन्हें मजबूत बनाने के कुछ सुझाव दें।
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
भारत में राजनीतिक दलों और उसके नेताओं को सुधारने के लिए हाल में जो प्रयास किए गए हैं या जो सुझाव दिए गए हैं। वे निम्नलिखित हैं
- विधायकों और सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। निर्वाचित प्रतिनिधियों के मंत्री पद या पैसे के लोभ में दल-बदल करने में आई तेजी को देखते हुए ऐसा किया गया। नए कानून के अनुसार अपना दल बदलने वाले सांसद या विधायक को अपनी सीट भी नॅवानी होगी। इस नए कानून से दल-बदल में कमी आई है।
- उच्चतम न्यायालय ने पैसे और अपराधियों का प्रभाव कम करने के लिए एक आदेश जारी किया है। इसके द्वारा चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को अपनी संपत्ति को और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा एक शपथपत्र के माध्यम से देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से लोगों को अपने उम्मीदवारों के बारे में। बहुत-सी पक्की सूचनाएँ उपलब्ध होने लगी हैं।
- चुनाव आयोग ने एक आदेश के जरिए सभी दलों के लिए सांगठनिक चुनाव कराना और आयकर का रिटर्न भरना जरूरी बना दिया है। दलों ने ऐसा करना शुरू कर भी दिया है, पर कई बार ऐसा सिर्फ खानापूर्ति के लिए होता है।
- कुछ अन्य कदम जो राजनीतिक दलों में सुधार के लिए सुझाए गए हैं –
- राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए। सभी दल अपने सदस्यों की सूची रखें, अपने संविधान का पालन करें, सबसे बड़े पदों के लिए खुले चुनाव कराएँ।
- राजनीतिक दल महिलाओं को एक खास न्यूनतम अनुपात में जरूर टिकट दें। इसी प्रकार दल के प्रमुख पदों पर भी औरतों के लिए आरक्षण होना चाहिए।
- चुनाव का खर्च सरकार उठाए। सरकार दलों को चुनाव लड़ने के लिए धन दे।
- राजनीतिक दलों पर लोगों द्वारा दबाव बनाया जाए। यह काम पत्र लिखने, प्रचार करने और आंदोलन के जरिए किया जा सकता है। यदि दलों को लगे कि सुधार न करने से उनका जनाधार गिरने लगेगा तो इसे लेकर वे गंभीर होने लगेंगे।
- सुधार की इच्छा रखने वालों का खुद राजनीतिक दलों में शामिल होना।राजनीतिक दलों ने अभी तक इन सुझावों को नहीं माना है। अगर इन्हें मान लिया गया तो संभव है कि इनसे कुछ सुधार हो।
shaalaa.com
दलों को कैसे सुधारा जा सकता है ?
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?