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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

रेडियो दूरदर्शी की रचना स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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प्रश्न

रेडियो दूरदर्शी की रचना स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

अनेक खगोलीय पिंडों से दृश्य प्रकाश के अतिरिक्त रेडियो किरणें भी उत्सर्जित होती हैं। इन तरंगों को हम निरी आँखों से नहीं देख सकते। इसलिए इन तरंगों को ग्रहण करने के लिए विशेष दूरबीनों का उपयोग किया जाता है, इन्हें रेडियो दूरबीन (Radio Telescope) कहते हैं। रेडियो दूरबीन एक विशेष आकार (Paraboloid आकार) की डिश से या ऐसी अनेक डिश के समूहों से बनी होती है। दृश्य-प्रकाश दूरबीन के समान इस डिश के वक्र पृष्ठभाग से रेडियो तरंगें परावर्तित होती हैं और उस डिश के नाभिकेंद्र के पास अभिसरित होती हैं। वहाँ उन तरंगों को ग्रहण कर सकने वाला एक यंत्र (Receiver) लगाया हुआ होता है। यंत्र द्वारा ग्रहण की गई जानकारी संगणक को दी जाती है। संगणक इस जानकारी का विश्लेषण कर रेडियो तरंगों के स्रोत के स्वरूप का चित्र निर्मित करता है। हमारे घर का डिश एंटिना इसी प्रकार कार्य करता है।

पुणे के पास नारायणगाँव में Giant MeterWave Radio Telescope (GMRT) नामक महाकाय रेडियो दूरबीन स्थापित की गई है। यह दूरबीन 30 पेराबोला आकार की दूरबीनों का समूह है। इसकी प्रत्येक दूरबीन का व्यास 45 मीटर है। इस दूरबीन को महाकाय दूरबीन कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इसमें स्थित 30 दूरबीनों की रचना 25 km के विस्तृत क्षेत्र में की गई है।


              रेडिओ दूरबीन की रचना

shaalaa.com
रेडियो दूरबीन
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अध्याय 18: अंतरिक्ष अवलोकन : दूरबीनें (दूरदर्शी) - स्वाध्याय [पृष्ठ २१४]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 18 अंतरिक्ष अवलोकन : दूरबीनें (दूरदर्शी)
स्वाध्याय | Q 6. आ. | पृष्ठ २१४
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