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प्रश्न
रेखीय सरल आवर्त गति कर रहे किसी कण का (d) स्थितिज ऊर्जा फलन v (x) = 1/2 kx2/2 है, जहाँ k दोलक का बल नियतांक है। k = 0.5 N m-1 के लिए v (x) व x के मध्य ग्राफ चित्र में दिखाया गया है। यह दिखाइए कि इस विभव के अंतर्गत गतिमान कुल 1J ऊर्जा वाले कण को अवश्य ही ‘वापस आना चाहिए जब यह x = ± 2 m पर पहुँचता है।
उत्तर
सरल आवर्त गति करते कण की कुल ऊर्जा
E = K. E. + P. E.
E = `1/2 "m""ν"^2 + 1/2 "k" "x"^2`
(दिया है, x विस्थापन पर P. E. = `"V"("x
") = 1/2 "k" "x"^2`)
कण उस स्थिति x = xm से लौटना प्रारंभ करेगा जबकि उसकी गतिज ऊर्जा शुन्य होगी।
अतः `1/2 "m""ν"^2 = 0` व x = xm रखने पर,
`E = 1/2 "k" "x"_"m"^2`
दिया है: E = 1 J तथा k = 0.5 N m-1
∴ `1 = 1/2 xx 0.5 xx "x"_"m"^2 => "x"_"m"^2 = 2/0.5 = 4`
∴ xm = ± 2m
अतः कण जब xm = ± 2m पर पहुँचता है तो वही से वापस लौटना प्रारंभ करता है।
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