Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।
उत्तर
मैं बिना बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।
वाक्य:
गुड़िया के बिना घर में मन नहीं लगता।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
नोट
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :
छाती
सौहार्द-सौमनस्य इस पाठ में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
उस सी.डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्था की गई।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
कश्मीर में कई दर्शनीय स्थल देखने योग्य है।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
आओ सिंहासन में बैठो।
सहायक क्रिया पहचानिए:
हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
गेहूँ - गीला - होना - ______ - ______ - ______
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:
__________________
__________________
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
______ - पहचान
समारोह में सभी ______ वालों को आमंत्रित किया।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
बच्चों ने कहा, ‘‘कृपया हमें अंतरिक्ष के बारे में बताऍं।’’
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।
जाको कछु नहि चाहिए, सोइ साहन के सतह।।
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
मैं लिखना-पढ़ना करने लगा हूँ।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
गौ
पाठ (ताई) में प्रयुक्त अव्ययों को ढूँढ़कर उनका भेदानुसार वर्गीकरण कीजिए। उनमें से किन्हीं चार का सार्थक वाक्य में प्रयोग कीजिए।
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
सेवार्थ | ______ + ______ |
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
चिह्न | नाम | वाक्य |
( ) |