हिंदी

रक्षा बंधन से संबंधित ऐतिहासिक कहानी यू ट्यूब/अंतरजाल पर खोजकर लिखो। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

रक्षा बंधन से संबंधित ऐतिहासिक कहानी यू ट्यूब/अंतरजाल पर खोजकर लिखो।

विस्तार में उत्तर

उत्तर

रक्षा बंधन की ऐतिहासिक कहानी: रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूँ

यह कहानी 16वीं शताब्दी की है, जब भारत में अलग-अलग राज्यों में राजा और रानियाँ शासन करते थे। चित्तौड़ की रानी कर्णावती (मेवाड़ की विधवा रानी) को अपने राज्य की रक्षा की चिंता थी क्योंकि गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया था। 

रानी कर्णावती जानती थीं कि अकेले वह युद्ध नहीं जीत पाएँगी। इसलिए उन्होंने मुगल सम्राट हुमायूँ को एक राखी भेजी और उसे अपना भाई मानते हुए सहायता की याचना की।

सम्राट हुमायूँ ने राखी को बहुत सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव से स्वीकार किया। उन्होंने तुरंत अपनी सेना के साथ चित्तौड़ की ओर कूच किया ताकि वे अपनी "बहन" की रक्षा कर सकें।

दुर्भाग्यवश, जब तक हुमायूँ पहुँचे, बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर कब्जा कर लिया था और रानी कर्णावती ने जौहर (आत्मबलिदान) कर लिया था।

फिर भी हुमायूँ ने चित्तौड़ को बहादुर शाह से वापस लिया और रानी के बच्चों को सुरक्षा दी। उनका यह रक्षाबंधन का सम्मान आज भी इतिहास में एक मिसाल बना हुआ है।

  • राखी केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, विश्वास और रक्षा का बंधन है।
  • यह दिखाता है कि धर्म, जाति या खून का रिश्ता जरूरी नहीं – भावनाएँ ही सबसे बड़ी ताकत हैं।
  • सम्मान और कर्तव्य ही सच्चे रिश्ते को निभाते हैं।
shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.2: ऐसे उतारी आरती - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ७]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.2 ऐसे उतारी आरती
पाठ्य प्रश्न | Q १०. | पृष्ठ ७
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×