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प्रश्न
साहित्यकार के लिए स्रष्टा और द्रष्टा होना अत्यंत अनिवार्य है, क्यों और कैसे?
उत्तर
साहित्यकार के लिए आवश्यक गुण है कि उसमें स्रष्टा तथा द्रष्टा दोनों गुणों का होना आवश्यक है। स्रष्टा में वह नई रचनाओं की सृष्टि करता है। द्रष्टा से वह समाज में व्याप्त सुक्ष्म से सुक्ष्म समस्या को देखने की क्षमता रखता है। इस तरह वह समाज में व्याप्त प्रत्येक समस्या पर पैनी दृष्टि रखता है और उसे समाप्त करने के लिए नई रचनाओं का निर्माण करता है। यह रचना उन समस्याओं की जड़ पर प्रहार करती है और समाज में व्याप्त असंगति को समाप्त करती है। इस तरह वह सुनहरे भविष्य का निर्माण करता है और आने वाली पीढ़ी को एक सुंदर भविष्य देता है। इसलिए कहा गया है कि साहित्यकार के लिए स्रष्टा और द्रष्टा होना अत्यंत अनिवार्य है।
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