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सामाजिक स्तरीकरण की कुछ विशेषताएँ बतलाइए। - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

सामाजिक स्तरीकरण की कुछ विशेषताएँ बतलाइए।

दीर्घउत्तर

उत्तर

सामाजिक स्तरीकरण की कुछ प्रमुख विशेषताएँ अग्रलिखित हैं -

  1. सामाजिक स्तरीकरण एक सामाजिक विशेषता है। यह व्यक्तिगत मतभेदों का कारण नहीं है। यह एक सामाजिक व्यवस्था है जिसके अंतर्गत समाज के विभिन्न वर्गों में विषमता फैलती है। उदाहरण के तौर पर, तकनीकी रूप से अधिकांशतः आदिम समाज में जैसे कि शिकारी या संग्रहकर्ता समाज में, बहुत ही कम उत्पादन होता था। अतः वहाँ केवल प्रारंभिक सामाजिक स्तरीकरण ही मौजूद था। तकनीकी रूप से अधिक उन्नत समाज में जहाँ लोग अपनी मूलभूत आवश्यकताओं से अधिक उत्पादन करते हैं, सामाजिक संसाधन विभिन्न सामाजिक श्रेणियों में असमान रूप से बँटा होता है। इसका लोगों की व्यक्तिगत क्षमता से कोई संबंध नहीं होता है।
  2. सामाजिक स्तरीकरण पीढ़ी-दर-पीढी होता है। यह परिवार और सामाजिक संसाधनों के एक पीढ़ी से । अगली पीढ़ी में उत्तराधिकार के रूप में घनिष्ठता से जुड़ा है। इससे सामाजिक अवस्था निर्धारित होती है। उदाहरणार्थ, एक बच्चा माता-पिता की सामाजिक स्थिति को प्राप्त करता है। जन्म ही व्यवसाय का निर्धारण करता है। एक दलित पारंपरिक व्यवसा; जैसे-खेतिहर मज़दूर, सफाईकर्मी अथवा चमड़े के काम में ही बँधकर रह जाता है। उसके पास ऊँची तनख्वाह की सफेदपोश नौकरी के अवसर बहुत ही कम होते हैं। सामाजिक अवमानना का प्रदत्त पक्ष सजातीय विवाह से और मजबूत होता है; जैसे-विवाह अपनी ही जाति के सदस्यों में सीमित होता है। अतः अंतरजातीय विवाह के द्वारा जातीयता को खत्म करने की संभावना समाप्त हो जाती है।
  3. सामाजिक स्तरीकरण को विश्वास और विचारधारा के द्वारा समर्थन मिलता है। कोई भी व्यवस्था तब तक पीढ़ी-दर-पीढ़ी नहीं चल सकती, जब तक कि इसे विश्वास के माप से न देखा जाए। उदाहरणार्थ, जाति व्यवस्था को शुद्धता के आधार पर न्यायोचित ठहराया जाता है, जिसमें जन्म और व्यवसाय की बदौलत ब्राह्मणों को सबसे ऊँची स्थिति तथा दलितों को सबसे निम्न स्थिति दी गई है। हालाँकि हर कोई असमानता की इस व्यवस्था को ठीक मानता है, ऐसा नहीं है। वे लोग जिन्हें अधिक सामाजिक अधिकार प्राप्त हैं, वही इस सामाजिक व्यवस्था का समर्थन करते हैं। वैसे लोग जो इस अधिक्रम में सबसे नीचे हैं और इसके कारण बहुत अपमानित तथा शोषित हुए हैं, वही इसे सबसे अधिक चुनौती दे सकते हैं।
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सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार सामाजिक कैसे है?
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अध्याय 5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप - प्रश्नावली [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
अध्याय 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
प्रश्नावली | Q 2. | पृष्ठ ११७
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