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“सामाजिक तथ्य’ क्या हैं? हम उन्हें कैसे पहचानते हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

“सामाजिक तथ्य’ क्या हैं? हम उन्हें कैसे पहचानते हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  • ‘सामाजिक तथ्य’ सामूहिक प्रतिनिधित्व हैं जिनका उद्भव व्यक्तियों के संगठन से होता है।
  • वे किसी व्यक्ति के लिए विशिष्ट नहीं होते हैं, परंतु सामान्य प्रकृति के होते हैं और व्यक्तियों से स्वतंत्र होते हैं।
  • दुर्खाइम ने इसे ‘रगामी-स्तर’ कहा जोकि जटिल सामूहिकता का जीवन स्तर है जहाँ सामाजिक प्रघटनाओं का उद्भव हो सकता है।
  • दुर्खाइम की सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपलब्धि उनका प्रदर्शन है कि समाजशास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जो अपूर्व तत्वों, जैसे सामाजिक तथ्यों का विज्ञान हो सकता है। परंतु एक ऐसा विज्ञान जो अवलोकन, आनुभविक इंद्रियानुभवी सत्यापनीय साक्ष्यों पर आधारित हो।
  • आत्महत्या पर दुर्खाइम के द्वारा किया गया अध्ययन नवीन आनुभविक आँकड़ों पर आधारित एक सर्वाधिक चर्चित उदाहरण है।
  • आत्महत्या के प्रत्येक अध्ययन का विशिष्ट रूप से व्यक्ति तथा उसकी परिस्थितियों से सरोकार है।
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दुर्खाइम की समाजशास्त्रीय दृष्टी
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अध्याय 4: पाश्चात्य समाजशास्त्री-एक परिचय - अभ्यास [पृष्ठ ८९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 11
अध्याय 4 पाश्चात्य समाजशास्त्री-एक परिचय
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ८९

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