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'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।

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उत्तर

यह रचना लेखक जाबिर हुसैन द्वारा अपने मित्र सालिम अली की याद में लिखा गया संस्मरण है। पाठ को पढ़ते हुए इसका शीर्षक "साँवले सपनों की याद" अत्यंत सार्थक प्रतीत होता है। लेखक का मन अपने मित्र से बिछड़ कर दु:खी हो जाता है, अत: वे उनकी यादों को ही अपने जीने का सहारा बना लेते हैं।

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गद्य (Prose) (Class 9 A)
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अध्याय 4: साँवले सपनों की याद - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 4 साँवले सपनों की याद
प्रश्न अभ्यास | Q 7 | पृष्ठ ४७

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